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कहा जाता है कि जिस समय किसी व्यक्ति की कुंडली में प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में मंगल विराजमान होता है, तो ऐसी स्थिति में कहा जाता है

देवी पुराण के अनुसार- रघुवंश में राजा इक्ष्वाकु के पुत्र और मनु के पौत्र राजा निमि हुए। जिन्होंने वैजयन्त नामक नगर बसाया था, और इस नगर को बसकर उन्होंने एक

टांगीनाथ धाम झारखंड के गुमला जिले में स्थित है, जो कि परशुराम जी की तपभूमि है, यह रांची से करीब 150 किमी की दुरी पर है। पौराणिक मान्यतानुसार इस स्थान

हमारे शास्त्रों में शनिदेव को न्याय का देवता माना गया है यानि मनुष्य के अच्छे-बुरे कर्मो का फल शनिदेव उन्हें देते हैं शनि चालीसा में उनके वाहनों का उल्लेख किया

कहा जाता है कि यदि कोई अमावस्या सोमवार के दिन पडती है तो उसे सोमवती अमावस्या माना जाता है जो अन्य से अधिक महत्वपूर्ण होती हें, क्योकि ऐसा साल में

दैत्यराज बाली के सबसे बड़े पुत्र का नाम बाणासुर था वह बचपन से ही शिव भक्त था. जब वह बड़ा हुआ तब उसने हिमालय पर जाकर शिव की घोर तपस्या

हिन्दू धर्म मे वेदों का अधिक महत्व है चारों वेदों में हजारो मन्त्र है और इन मन्त्रो की रचना की है ऋषियों ने । हिन्दू धर्म के ऋषियों में सप्त

हिन्दू धर्म के अनुसार मनु संसार के प्रथम पुरुष थे। प्रथम मनु का नाम स्वयंभूव मनु था इनके साथ संसार की प्रथम स्त्री थी शतरूपा। यह दोनो ही संसार के

जब ब्रह्माजी जी ने यमराज को मनुष्यों के अच्छे-बुरे कर्मो के लेखा-जोखा करने का कार्य सौपा तो यमराज जी ने अपने कार्य के लिए एक सहयोगी की मांग की क्योकि