टांगीनाथ धाम, जहाँ आज भी रखा है परशुराम जी का फरसा । - Ethiclogy

टांगीनाथ धाम, जहाँ आज भी रखा है परशुराम जी का फरसा ।

टांगीनाथ धाम झारखंड के गुमला जिले में स्थित है, जो कि परशुराम जी की तपभूमि है, यह रांची से करीब 150 किमी की दुरी पर है। पौराणिक मान्यतानुसार इस स्थान पर परशुराम जी ने शिवजी की घोर तपस्या की थी और तपस्या से पहले उन्होंने यहाँ अपना फरसा जमीन में गाड़ दिया था|

जो आज भी वहाँ देखने को मिलता है। इस जगह फरसे के साथ-साथ त्रिशूल की आकृति भी देखने को मिलती है। यह जमीन में कितनी अंदर तक गडा हुआ है इसके बारे में किसी को सही जानकारी नही है । इस फरसे की खास बात यह है कि इसपर कभी भी जंग नही लगती है।

एक लोककथा के अनुसार एक बार यहाँ लोहार जाति के लोग रहने आये थे काम के दौरान उन्हें लोहे की जरूरत हुई तो उन्होंने वह फरसा काटने की कोशिश की परन्तु काट नही पाए, पर उसका नतीजा भी बहुत बुरा हुआ। उनके परिवार के सदस्य धीरे धीरे मरने लगे।

इसके बाद उन्होंने वह इलाका छोड़ दिया। आज भी टांगीनाथ धाम के आस-पास लोहार नही रहते है। टांगीनाथ धाम में खुदाई की गयी थी जिसमे कई शिवलिंग,प्राचीन मन्दिरों के अवशेष,मूर्तियाँ और हीरे-जवाहरात,आदि कीमती वस्तुए प्राप्त हुई थी।

शिवरात्रि पर यहाँ तीन दिवसीय मेला लगता है और शिवजी का रुद्राभिषेक किया जाता है। यहाँ की स्थानीय भाषा में फरसे को टांगी कहा जाता है इसलिए इस जगह को टांगीनाथ के नाम से जाना जाता है,यहाँ पर टांगीनाथ महादेव भी विराजमान है।

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